Election Results 2026: तमिलनाडु में विजय की ‘सुनामी’, केरल में UDF की वापसी, असम में BJP की हैट्रिक — जानें हर राज्य का पूरा हाल

Published on: 05-05-2026
तमिलनाडु चुनाव 2026 में विजय की पार्टी TVK की जीत।

नई दिल्ली/चेन्नई/तिरुवनंतपुरम/दिसपुर/पुडुचेरी – Election Results 2026 – भारतीय राजनीति के इतिहास में 4 मई 2026 का दिन एक नई इबारत लिखने वाला दिन साबित हुआ। आज तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी — इन पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव परिणाम एक साथ सामने आए। इन परिणामों ने कई पुराने राजनीतिक समीकरणों को उलट दिया और कुछ नए चेहरों व दलों को सत्ता की दहलीज तक पहुंचाया।

इस बार पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की 823 से अधिक विधानसभा सीटों पर मतगणना हुई। इन चुनावों को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था। हर राज्य का नतीजा अपने आप में एक बड़ी कहानी लेकर आया।

तमिलनाडु: विजय की ‘सुनामी’ — DMK हार गई, एक नए युग की शुरुआत

TVK प्रमुख विजय के समर्थक चेन्नई में जश्न मनाते हुए — तमिलनाडु में TVK की सुनामी

तमिलनाडु से आई खबरें सबसे ज्यादा चौंकाने वाली रहीं। फिल्म अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) राज्य की 234 सीटों में से 107 से अधिक सीटों पर आगे रही, जबकि DMK केवल 59 और AIADMK 47 सीटों तक सिमट गई। यह नतीजा राजनीतिक विश्लेषकों के लिए भी हैरान करने वाला था क्योंकि ज्यादातर एग्जिट पोल में DMK को ही आगे बताया गया था।

सबसे बड़ा उलटफेर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अपनी कोलाथुर सीट पर हुआ। TVK के V.S. बाबू ने कोलाथुर सीट पर M.K. स्टालिन को हराया, जहां TVK उम्मीदवार ने 41,616 वोट हासिल किए जबकि स्टालिन 33,641 पर रुक गए। यह किसी मुख्यमंत्री की अपनी ही सीट पर हार की एक दुर्लभ और स्तब्ध कर देने वाली घटना है।

विजय की खुद की जीत

TVK प्रमुख विजय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट — दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। उनके समर्थकों ने पार्टी मुख्यालय के बाहर जमकर जश्न मनाया, मिठाइयां बांटी और “मुथलमइचर विजय” के नारे लगाए। विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने कहा कि “थलापति विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे।”

TVK समर्थकों का उत्साह देखते ही बनता था। एक समर्थक ने कहा — “मैं विजय का बड़ा प्रशंसक हूं। यह एक सुनामी जैसा है… विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री होंगे।”

DMK नेता NVN सोमु ने भी स्थिति को स्वीकार करते हुए कहा कि “तमिलनाडु में सिनेमा से आए लोगों को राजनीति में सफलता मिलती रही है, और विजय का बड़ा फैन बेस रहा है।”

AIADMK का प्रदर्शन

AIADMK नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने अपनी एडप्पाडी सीट से बड़े अंतर से जीत दर्ज की। DMK दूसरे नंबर पर रही लेकिन AIADMK तीसरे स्थान पर खिसक गई, जो कि पिछले एक दशक में पार्टी के लिए सबसे बड़ा झटका है।

TVK ने अपने पहले ही चुनाव में 107 से ज्यादा सीटें जीतकर यह साबित कर दिया कि तमिलनाडु की जनता बदलाव चाहती थी। राज्य में 84.69% मतदान हुआ था जो जनता की जबरदस्त भागीदारी को दर्शाता है।

केरल: UDF की 10 साल बाद वापसी, BJP ने रचा इतिहास

केरल में दस साल बाद UDF की वापसी — तिरुवनंतपुरम में जश्न

केरल से आई खबर ने वहां के राजनीतिक इतिहास को एक नया मोड़ दिया। केरल में UDF ने 102 सीटें जीतकर LDF को सत्ता से बाहर कर दिया, जबकि LDF महज 35 सीटों पर सिमट गई। यह दस साल बाद कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF की सत्ता में वापसी है।

इससे भी बड़ी और ऐतिहासिक खबर BJP की थी। 2016 के बाद पहली बार BJP ने केरल में एक से अधिक सीट जीती।

केरल में हर पांच साल में सत्ता बदलने का रिवाज (Alternative Government) एक बार फिर लौट आया है। पिछले 10 सालों से राज कर रहे एलडीएफ (LDF) के किले को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) ने ध्वस्त कर दिया है। यूडीएफ ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। हालांकि, केरल के नतीजों में एक और ऐतिहासिक मोड़ तब आया जब भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में अपनी मौजूदगी को मजबूती से दर्ज कराया। भाजपा ने पहली बार केरल में तीन महत्वपूर्ण सीटों—नेमम, कझाकुट्टम और चाथन्नूर—पर जीत हासिल की है। यह केरल की द्विपक्षीय राजनीति में ‘तीसरे ध्रुव’ के उदय का संकेत है।

नेमोम में BJP के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने LDF के मंत्री वी. शिवनकुट्टी को 4,165 वोटों के अंतर से हराया। राजीव चंद्रशेखर ने राष्ट्रीय राजनीति छोड़कर केरल में पार्टी की अगुवाई की थी और उनकी इस जीत को BJP के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। चाथन्नूर में BJP के B.B. गोपकुमार ने LDF के R. राजेंद्रन को 4,402 वोटों के अंतर से हराया। कझाकुट्टम में पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने LDF के कडकम्पल्ली सुरेंद्रन को बेहद कड़ी टक्कर में 300 से अधिक वोटों के मामूली अंतर से हराया।

LDF के दिग्गज हारे

LDF की हार इतनी बड़ी थी कि कई बड़े मंत्री और MLA अपनी सीटें नहीं बचा सके। हारने वालों में V.N. वासवन, R. बिंदु, वीणा जॉर्ज, J. चिंचू रानी, रामचंद्रन कडन्नापल्ली और M.B. राजेश जैसे नाम शामिल हैं। बैठे हुए MLAs K.K. शैलजा, V.K. प्रशांत, दलीमा और U. प्रतिभा भी हार गए।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस जीत पर कहा कि यह UDF के लिए एक “ऐतिहासिक” जनादेश है और उम्मीदों से भी बड़ी जीत मिली है जो देश के राजनीतिक परिदृश्य में बड़े बदलाव का संकेत देती है।

केरल में 79.63% मतदान हुआ था। LDF की एंटी-इनकम्बेंसी, सरकार की नीतियों पर नाराजगी और कांग्रेस की रणनीतिक चुनावी समझदारी ने मिलकर यह नतीजा तैयार किया।

असम: BJP की हैट्रिक — हिमंता बिस्वा सरमा की शानदार वापसी

असम में BJP के नेतृत्व वाले NDA ने लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करके इतिहास रच दिया। हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में BJP 99 सीटों पर आगे रही और NDA ने 50 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किए, जबकि कांग्रेस केवल 25 सीटों पर आगे थी।

हिमंता की अपनी सीट पर रिकॉर्ड जीत

हिमंता बिस्वा सरमा असम में BJP की तीसरी जीत पर समर्थकों के साथ

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जलुकबारी सीट से कांग्रेस की बिदिशा नेओग को 89,434 वोटों के विशाल अंतर से हराया। उन्होंने कुल 1,27,151 वोट पाए जबकि नेओग को केवल 37,717 वोट मिले। ह उनकी जलुकबारी से लगातार छठी जीत है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस जीत को असम के लोगों के अटूट विश्वास का प्रमाण बताया और कहा कि यह “डबल इंजन सरकार” की नीतियों की जीत है जिसने असम को अशांति की भूमि से उम्मीद की भूमि में बदला।

विपक्ष के नेता भी हारे

असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबव्रत सैकिया ने नज़ीरा सीट से BJP के मयूर बोरगोहैन के हाथों 46,701 वोटों के बड़े अंतर से हार का सामना किया।

दिसपुर सीट पर नाटकीय उलटफेर

दिसपुर सीट से BJP के प्रद्युत बोर्डोलोई ने बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस की मीरा बोर्थाकुर गोस्वामी को 49,667 वोटों के अंतर से हराया। बोर्डोलोई पचास से अधिक वर्षों तक कांग्रेस में रहे और लोकसभा MP भी रहे, लेकिन चुनाव से कुछ हफ्ते पहले ही BJP में शामिल हुए थे।

असम में 85.38% मतदान दर्ज किया गया था, जो जनता के जबरदस्त उत्साह को दर्शाता है।

पुडुचेरी: रंगासामी की वापसी, AINRC-BJP गठबंधन दोबारा सत्ता में

पुडुचेरी के CM रंगासामी थट्टनचावडी सीट से जीत के बाद

पुडुचेरी में AINRC-BJP गठबंधन ने एक बार फिर सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत की। मुख्यमंत्री N. रंगासामी ने थट्टनचावडी सीट से जीत दर्ज की, जहां वे कांग्रेस के V. वैथिलिंगम के मुकाबले आगे रहे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार रंगासामी थट्टनचावडी में 4,336 वोटों के अंतर से आगे थे।

AINRC नेतृत्व वाले NDA गठबंधन ने कांग्रेस-DMK गठबंधन के मुकाबले आराम से जीत हासिल की और दूसरी बार सरकार बनाने की स्थिति में आ गए।

पुडुचेरी में 89.87% तक का उच्च मतदान हुआ था। 30 सीटों वाली इस विधानसभा में बहुमत के लिए 16 सीटें चाहिए थीं और NDA ने यह आंकड़ा पार कर लिया।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने मतगणना के दौरान कहा था कि “जिस तरह का जन-समर्थन BJP और प्रधानमंत्री मोदी को मिला है, वह साफ दर्शाता है कि असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में सरकार बन रही है।”

2026 विधानसभा चुनाव का समग्र राजनीतिक संदेश

इन चुनाव परिणामों ने देश की राजनीति को कई बड़े संदेश दिए हैं। पहला — तमिलनाडु में TVK की जीत यह बताती है कि दक्षिण भारत में भी नई पीढ़ी का मतदाता सत्ता-विरोधी लहर में बह सकता है और किसी नए चेहरे को आजमा सकता है। विजय का पहले ही चुनाव में 107 से ज्यादा सीटें जीतना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं।

दूसरा — केरल में BJP का तीन सीटें जीतना एक ऐतिहासिक पल है। यह राज्य परंपरागत रूप से वाम और कांग्रेस का गढ़ रहा है। BJP की यह सफलता छोटी संख्या में भले हो, लेकिन रणनीतिक रूप से बेहद अहम है।

तीसरा — असम में BJP की हैट्रिक यह दर्शाती है कि पूर्वोत्तर भारत में पार्टी की जड़ें अब बेहद गहरी हो गई हैं। CM हिमंता बिस्वा सरमा की व्यक्तिगत लोकप्रियता और सरकारी योजनाओं का असर साफ दिखा।

चौथा — पुडुचेरी में NDA की वापसी छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गठबंधन की ताकत को रेखांकित करती है।

इन पांच राज्यों के चुनाव को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले एक अहम राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था, और इनके परिणाम आने वाले समय की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

FAQ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. TVK क्या है और विजय कौन हैं?

TVK यानी तमिलागा वेत्री कझगम एक राजनीतिक पार्टी है जिसे बॉलीवुड और तमिल फिल्मों के मशहूर अभिनेता विजय (जोसेफ विजय) ने बनाई है। विजय को दक्षिण भारत में “थलापति” के नाम से जाना जाता है और उनका बहुत बड़ा फैन बेस है। उन्होंने 2024-25 में राजनीति में कदम रखा और 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में TVK ने अपना पहला ही चुनाव लड़ा। नतीजा चौंकाने वाला रहा जब TVK 107 से अधिक सीटों पर आगे रही और AIADMK जैसी स्थापित पार्टी को तीसरे स्थान पर धकेल दिया।

2. M.K. स्टालिन की हार कहां हुई और इसका क्या मतलब है?

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M.K. स्टालिन अपनी परंपरागत कोलाथुर विधानसभा सीट से TVK उम्मीदवार V.S. बाबू से हार गए। यह एक बहुत बड़ा राजनीतिक उलटफेर है क्योंकि एक बैठे हुए मुख्यमंत्री का अपनी सीट हारना बेहद दुर्लभ होता है। इसका मतलब यह है कि DMK के खिलाफ जनता में गहरी नाराजगी थी और TVK की लहर इतनी तेज थी कि सत्तारूढ़ पार्टी के मुखिया भी नहीं बच सके।

3. केरल में BJP ने कौन-कौन सी सीटें जीतीं और यह क्यों अहम है?

BJP ने केरल में तीन सीटें जीतीं — नेमोम (राजीव चंद्रशेखर), कझाकुट्टम (वी. मुरलीधरन) और चाथन्नूर (बी.बी. गोपकुमार)। यह इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि पहले केरल में BJP ने 2016 में केवल नेमोम से एक सीट जीती थी, 2021 में वह भी गई। अब तीन सीटें जीतना केरल में BJP के बढ़ते जनाधार का संकेत है। पार्टी थिरुवल्ला, कोझिकोड साउथ और कासरगोड जैसी सीटों पर भी कड़ी टक्कर दे रही थी।

4. असम में BJP को हैट्रिक क्यों मिली?

असम में BJP की यह लगातार तीसरी जीत कई कारणों से हुई। CM हिमंता बिस्वा सरमा की व्यक्तिगत छवि, राज्य सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाएं जैसे ओरुनोदोई और स्वनिर्भर नारी, विकास के दावे, और कांग्रेस का कमजोर विपक्षी प्रदर्शन — इन सबने मिलकर BJP को बड़ी जीत दिलाई। NDA का वोट शेयर 50% से अधिक रहा जो एक बड़ी उपलब्धि है।

5. पुडुचेरी में AINRC क्या है?

AINRC यानी ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस पुडुचेरी की एक क्षेत्रीय पार्टी है जिसे N. रंगासामी ने बनाया था। 2021 से यह पार्टी BJP के साथ मिलकर NDA गठबंधन के रूप में पुडुचेरी की सत्ता में है। 2026 में भी इसी गठबंधन ने जीत दर्ज की और रंगासामी दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने की राह पर हैं।

6. इन चुनाव परिणामों का 2029 के लोकसभा चुनाव पर क्या असर होगा?

इन परिणामों से तमिलनाडु में TVK का उभरना कांग्रेस और INDIA गठबंधन के लिए चिंता का विषय है क्योंकि TVK-DMK गठबंधन की जमीन हिल गई है। केरल में UDF की जीत कांग्रेस के लिए राहत है। असम और पुडुचेरी में BJP की जीत 2029 से पहले पार्टी के आत्मविश्वास को बढ़ाएगी। TVK की ताकत तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीटों पर असर डाल सकती है।

7. तमिलनाडु में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?

नतीजों के रुझान के अनुसार TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। TVK प्रमुख विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर और पार्टी समर्थकों ने विजय को “मुथलमइचर” (मुख्यमंत्री) पुकारना शुरू कर दिया है। हालांकि अंतिम नतीजे आने और बहुमत साबित होने के बाद ही मुख्यमंत्री का नाम तय होगा।

Aawaaz Uthao: We are committed to exposing grievances against state and central governments, autonomous bodies, and private entities alike. We share stories of injustice, highlight whistleblower accounts, and provide vital insights through Right to Information (RTI) discoveries. We also strive to connect citizens with legal resources and support, making sure no voice goes unheard.

Follow Us On Social Media

Get Latest Update On Social Media