पश्चिम बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत: 15 साल बाद TMC का सूपड़ा साफ, ममता बनर्जी खुद अपनी सीट हारीं

Published on: 04-05-2026
BJP West Bengal election 2026 victory celebration workers

कोलकाता / नई दिल्ली – भारत के चुनावी इतिहास में आज एक नया अध्याय लिखा गया। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐसी जीत हासिल की जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक शायद ही किसी ने की होगी। BJP ने 200 सीटों का आँकड़ा पार कर लिया और 148 सीटों के बहुमत के निशान को बहुत पीछे छोड़ दिया। इस नतीजे ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 साल के शासन को पूरी तरह समाप्त कर दिया। और सबसे बड़ा झटका यह रहा कि खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी परंपरागत सीट भवानीपुर में हार गईं।

मतगणना की शुरुआत और रुझान

4 मई 2026 की सुबह 8 बजे से पश्चिम बंगाल के 77 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती शुरू हुई। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 293 विधानसभा क्षेत्रों के नतीजे आने शुरू हुए। शुरुआती रुझान आते ही पूरे देश में एक हलचल मच गई — BJP हर जिले में आगे थी और TMC पिछड़ती जा रही थी।

Election Commission of India के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार BJP 192 सीटों पर आगे थी, जबकि TMC महज 96 सीटों पर सिमटकर रह गई। जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ती गई, BJP का जादू और मजबूत होता गया। नतीजे आने के साथ स्पष्ट हो गया कि BJP ने 22 सीटें जीत ली थीं और 181 सीटों पर आगे चल रही थी, यानी कुल 203 सीटों पर पकड़ मजबूत थी।

ममता बनर्जी की हार — सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर

Mamata Banerjee Bhabanipur seat 2026 counting result Suvendu Adhikari

इस पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा नज़रें भवानीपुर सीट पर टिकी थीं जहाँ से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मैदान में थीं। BJP ने यहाँ नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को उतारा था। गिनती के आखिरी दौर के बाद सुवेंदु अधिकारी को 73,463 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी 58,349 वोट ही पा सकीं। यानी ममता बनर्जी 15,000 से ज्यादा वोटों के भारी अंतर से हार गईं। यह जीत सुवेंदु अधिकारी के लिए दोहरी खुशी थी।

सुवेंदु अधिकारी इससे पहले 2021 के चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराकर “जायंट किलर” बन चुके थे। अब उन्होंने यह कारनामा दूसरी बार भवानीपुर में दोहरा दिया। इस तरह सुवेंदु अधिकारी पहले ऐसे BJP नेता बन गए जिन्होंने ममता बनर्जी को दो बार हराया।

चुनाव के मुख्य मुद्दे जिन्होंने तय किया जनादेश

यह चुनाव महज सत्ता की लड़ाई नहीं था, बल्कि कई बड़े मुद्दों ने मिलकर इस ऐतिहासिक नतीजे की ज़मीन तैयार की।

RG Kar मेडिकल कॉलेज कांड और महिला सुरक्षा: आरजी कर मेडिकल कॉलेज की दुखद घटना ने पूरे चुनाव प्रचार को एक नई दिशा दे दी। इसने जनमानस में महिला सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्था सुधार जैसे सवाल उठा दिए। BJP ने इस मुद्दे को पूरे प्रचार अभियान के केंद्र में रखा।

पनिहाटी सीट से BJP उम्मीदवार रत्ना देबनाथ, जो RG Kar पीड़िता की माँ हैं, चुनाव मैदान में उतरी थीं और शुरुआती रुझानों में वह 15,000 से ज्यादा वोटों से आगे चल रही थीं। उनकी जीत इस चुनाव की सबसे भावनात्मक कहानियों में से एक बनी।

स्कूल भर्ती घोटाला: TMC सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप, खासकर स्कूल भर्ती घोटाला, केंद्रीय जाँच एजेंसियों की कार्रवाई और 15 साल के शासन की थकान — ये सब मिलकर एंटी-इनकम्बेंसी का एक बड़ा माहौल बना रहे थे।

SIR विवाद — मतदाता सूची में बड़ा बदलाव: इस चुनाव से पहले Election Commission ने मतदाता सूची का एक बड़ा Special Intensive Revision (SIR) किया जिसमें करीब 90 लाख नाम काट दिए गए। Election Commission ने इसे मृत, डुप्लीकेट और अयोग्य मतदाताओं को हटाने की ज़रूरी प्रक्रिया बताया। TMC ने इस कदम को असली मतदाताओं — खासकर अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों — को मताधिकार से वंचित करने की साजिश करार दिया और इसे सुप्रीम कोर्ट तक ले गई। BJP का कहना था कि SIR से अवैध प्रवासियों के नाम हटाए गए।

बांग्लादेशी घुसपैठ और CAA: सीमा सुरक्षा, अवैध प्रवासन और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) भी इस चुनाव के बड़े मुद्दे रहे। BJP ने कहा कि बंगाल में सत्ता मिलने पर CAA के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया तेज़ की जाएगी। वहीं TMC ने इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का हथियार बताया।

रिकॉर्ड मतदान — लोकतंत्र का महापर्व

इस चुनाव ने मतदान के मामले में इतिहास रच दिया। दोनों चरणों के कुल मतदान का आँकड़ा करीब 92.93 फीसदी रहा, जो पश्चिम बंगाल के इतिहास में आजादी के बाद का सबसे ऊँचा मतदान प्रतिशत है। दूसरे चरण यानी 29 अप्रैल का मतदान 92.6 फीसदी रहा, जबकि पहले चरण में 93.19 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। इतने बड़े पैमाने पर मतदान से साफ था कि इस बार बंगाल की जनता कुछ बड़ा फैसला करने के इरादे से घर से निकली थी।

दो चरणों में हुई थी वोटिंग

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को चुनाव हुए। इसके अलावा South 24 Parganas के फाल्टा क्षेत्र में पुनर्मतदान के चलते वहाँ अलग से 21 मई को वोटिंग होगी और 24 मई को नतीजे आएंगे। फाल्टा में Election Commission ने “गंभीर चुनावी अपराध और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाने” का हवाला देते हुए 29 अप्रैल के मतदान को रद्द कर वहाँ के सभी 285 बूथों पर दोबारा वोटिंग का आदेश दिया।

उत्तर बंगाल से लेकर कोलकाता तक — BJP का दबदबा

इस चुनाव में BJP का प्रदर्शन महज एक-दो क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा। पार्टी ने पूरे राज्य में जड़ें जमाईं। उत्तर बंगाल में BJP ने जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी और कूच बिहार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मजबूत बढ़त बनाई। कोलकाता के कुछ किले अभी भी TMC के पास रहे, लेकिन पार्टी का समग्र आधार टूट गया।

BJP नेता अग्निमित्रा पॉल ने आसनसोल दक्षिण सीट से अपनी TMC प्रतिद्वंद्वी को 40,839 वोटों के बड़े अंतर से हराया। यह जीत BJP के नए चेहरों की ताकत को भी दर्शाती है।

कांग्रेस और वामदलों का पूरी तरह सफाया

पश्चिम बंगाल में इस चुनाव ने एक बात और साफ कर दी — कांग्रेस और वाम मोर्चा पूरी तरह हाशिए पर आ गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी बहरामपुर सीट पर BJP के सुब्रत मैत्रा से 17,548 वोटों के भारी अंतर से हार गए। 2021 के चुनाव में भी कांग्रेस और वाम मोर्चा एक भी सीट नहीं जीत पाए थे, और इस बार भी उनकी स्थिति दयनीय रही।

हिंसा और TMC के आरोप

मतगणना के दिन माहौल पूरी तरह शांत नहीं रहा। आसनसोल में मतगणना के दौरान TMC का एक पार्टी दफ्तर कथित तौर पर तोड़फोड़ का शिकार हुआ और आग लगाई गई। कूच बिहार में TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें भी हुईं।

वहीं ममता बनर्जी खुद भवानीपुर के गणना केंद्र पहुँचीं और उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर मतगणना रोकी गई और Election Commission तथा केंद्रीय बलों ने गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किया। हालाँकि Election Commission ने इन आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।

PM मोदी की प्रतिक्रिया — “यह ऐतिहासिक दिन है”

BJP मुख्यालय में माहौल जश्न का था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा:

“आज का दिन ऐतिहासिक है। यह अभूतपूर्व है। जब वर्षों की मेहनत सफलता में बदलती है, तो लोगों के चेहरों पर जो खुशी दिखती है, वही खुशी आज पूरे देश में BJP कार्यकर्ताओं के चेहरे पर दिख रही है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि “पश्चिम बंगाल में BJP की यह रिकॉर्ड जीत पीढ़ियों से जमीन पर काम करने वाले अनगिनत कार्यकर्ताओं के बिना संभव नहीं थी। मैं उन सबको सलाम करता हूँ।”

PM मोदी ने यह भी वादा किया: “BJP बंगाल में सुरक्षा, रोजगार और विकास सुनिश्चित करेगी।”

वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया पर लिखा: “पश्चिम बंगाल के भाइयों और बहनों का अपार आभार जिन्होंने आशा और साहस के साथ BJP को चुना। लोगों ने TMC के दमनकारी शासन को खत्म करने का फैसला किया।”

सुवेंदु अधिकारी का बड़ा बयान

BJP नेता और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस जीत को ‘हिंदू एकजुटता’ का नतीजा बताया और TMC पर निशाना साधा। अधिकारी ने कहा कि यह जीत उन कार्यकर्ताओं की जीत है जिन्होंने सालों तक TMC के अत्याचारों का सामना किया और फिर भी मैदान नहीं छोड़ा।

2021 बनाम 2026 — कितना बड़ा बदलाव?

2021 के चुनाव में TMC ने 294 में से 215 सीटें जीती थीं, जबकि BJP महज 77 सीटों पर सिमट गई थी। उस वक्त कांग्रेस और वाम मोर्चा एक भी सीट नहीं जीत पाए थे। लेकिन पाँच साल में तस्वीर पूरी तरह पलट गई। BJP 77 से सीधे 200+ सीटों पर पहुँच गई और TMC 215 से गिरकर 80 के आसपास सिमट गई। यह भारतीय चुनावी इतिहास में एक असाधारण बदलाव है।

अब आगे क्या? — सरकार गठन की तैयारी

BJP ने बहुमत का आँकड़ा पार कर लिया है और अब पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनाने की तैयारी शुरू होगी। मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के लिए BJP संसदीय बोर्ड की बैठक होगी। सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे है, लेकिन पार्टी ने अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त होने वाला है, इसलिए नई सरकार का गठन जल्द होना ज़रूरी है।

फाल्टा सीट — अभी बाकी है एक नतीजा

South 24 Parganas जिले की फाल्टा विधानसभा सीट का नतीजा आज नहीं आया। Election Commission ने 29 अप्रैल को हुई वोटिंग को रद्द कर 21 मई को पुनर्मतदान का आदेश दिया है और वहाँ के नतीजे 24 मई को आएंगे। हालाँकि BJP के पास पहले से ही बहुमत है, इसलिए यह सीट सरकार गठन को प्रभावित नहीं करेगी।

राष्ट्रीय राजनीति पर असर

पश्चिम बंगाल में BJP की यह जीत सिर्फ एक राज्य का चुनाव नहीं है — यह राष्ट्रीय राजनीति को भी गहराई से प्रभावित करेगी। ममता बनर्जी विपक्षी गठबंधन ‘I.N.D.I.A.’ की एक प्रमुख नेता रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नतीजे से राष्ट्रीय विपक्ष की नेतृत्व और रणनीति पर गहरा असर पड़ेगा। अब TMC और ममता बनर्जी की राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका और प्रभाव कमज़ोर हो सकता है।

FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. पश्चिम बंगाल 2026 चुनाव में BJP ने कितनी सीटें जीतीं?

BJP ने 200 से अधिक सीटें जीतकर बहुमत का आँकड़ा (148) बड़े अंतर से पार कर लिया। पार्टी ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की और 181 से अधिक सीटों पर आगे रही। यह पार्टी के इतिहास में पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ी जीत है।

Q2. ममता बनर्जी को किसने हराया और कितने वोटों के अंतर से?

ममता बनर्जी को BJP के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर 15,000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से हराया। सुवेंदु अधिकारी ने 73,463 वोट पाए जबकि ममता बनर्जी 58,349 वोटों पर सिमट गईं। यह दूसरी बार है जब सुवेंदु ने ममता को व्यक्तिगत रूप से हराया।

Q3. पश्चिम बंगाल में TMC ने इतनी बड़ी हार क्यों झेली?

TMC की इस हार के पीछे कई कारण हैं। 15 साल के शासन की थकान (एंटी-इनकम्बेंसी), RG Kar मेडिकल कॉलेज बलात्कार और हत्या कांड, स्कूल भर्ती घोटाला, अवैध प्रवासन का मुद्दा, और BJP का मज़बूत जमीनी प्रचार अभियान — इन सबने मिलकर TMC के खिलाफ एक बड़ा जनमत तैयार किया। इसके अलावा SIR के तहत 90 लाख नामों की कटाई ने भी चुनावी समीकरण बदले।

Q4. पश्चिम बंगाल 2026 में मतदान प्रतिशत कितना रहा?

यह चुनाव इतिहास में दर्ज हो गया — दोनों चरणों में मिलाकर कुल मतदान 92.93 फीसदी रहा, जो पश्चिम बंगाल के इतिहास में आजादी के बाद सबसे ऊँचा आँकड़ा है। पहले चरण में 93.19% और दूसरे चरण में 92.6% मतदान दर्ज किया गया।

Q5. SIR क्या है और इसका चुनाव पर क्या असर पड़ा?

SIR यानी Special Intensive Revision — यह मतदाता सूची की एक विशेष समीक्षा प्रक्रिया है जो Election Commission ने की। इसमें करीब 90 लाख नाम हटाए गए। BJP का कहना था कि इससे अवैध प्रवासियों के नाम हटे, जबकि TMC ने इसे असली मतदाताओं को वंचित करने की साजिश बताया और सुप्रीम कोर्ट तक गई।

Q6. अगले मुख्यमंत्री कौन होंगे?

यह अभी आधिकारिक रूप से तय नहीं हुआ है। BJP का संसदीय बोर्ड मुख्यमंत्री का नाम तय करेगा। सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे प्रमुखता से चर्चा में है क्योंकि वे राज्य में पार्टी के सबसे बड़े चेहरे रहे और उन्होंने ममता बनर्जी को खुद हराया है।

Q7. कांग्रेस और वाम मोर्चे का क्या हुआ?

दोनों दलों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी 17,548 वोटों के बड़े अंतर से बहरामपुर में हारे। वाम मोर्चा भी पश्चिम बंगाल में लगभग राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक हो गया है।

Q8. फाल्टा सीट का नतीजा कब आएगा?

फाल्टा विधानसभा सीट (South 24 Parganas) पर 21 मई 2026 को दोबारा मतदान होगा और नतीजा 24 मई को आएगा। Election Commission ने 29 अप्रैल की वोटिंग को गंभीर चुनावी अनियमितताओं के कारण रद्द कर दिया था।









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