NEET UG 2026 रद्द: पेपर लीक की पूरी कहानी — नाशिक से गिरफ्तारी, CBI जांच और 22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में

Published on: 12-05-2026
NSUI protest Shastri Bhawan Delhi NEET 2026 paper leak

नई दिल्ली/नासिक | देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर आज एक बहुत ही चौंकाने वाला और बड़ा फैसला लिया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया है। यह कदम परीक्षा के पेपर लीक होने की पुष्टि और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट्स के बाद उठाया गया है। इस फैसले ने देशभर के लगभग 23 लाख छात्रों के भविष्य को एक बार फिर अनिश्चितता के घेरे में डाल दिया है।

WhatsApp से शुरू हुआ पेपर लीक का सिलसिला

इस पूरे मामले की शुरुआत एक साधारण से WhatsApp संदेश से हुई। 2 मई 2026 की शाम को, यानी परीक्षा से एक रात पहले, केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने 300 “गेस पेपर” प्रश्न अपने पिता के मोबाइल पर भेजे। साथ में यह संदेश लिखा था — “मेरे सीकर के दोस्त ने ये भेजे हैं, हॉस्टल की लड़कियों को दे देना, यही कल आएंगे।” उस छात्र के पिता राजस्थान के सीकर में एक PG हॉस्टल चलाते थे। उन्होंने रात को वो पर्चे नहीं देखे और अगले दिन सुबह परीक्षा से पहले उन्हें हॉस्टल की छात्राओं में बांट दिया।

परीक्षा के बाद जब उस हॉस्टल संचालक ने वो गेस पेपर एक नजदीकी कोचिंग संस्थान के शिक्षक को दिखाए और उनसे मिलान करवाया तो जो सामने आया वह चौंकाने वाला था। NEET परीक्षा में पूछे गए जीव विज्ञान के सभी 90 प्रश्न उस 200 सवालों वाले गेस पेपर में मिले। रसायन विज्ञान में भी बड़े पैमाने पर मिलान था।

हॉस्टल संचालक पहले राजस्थान पुलिस के उद्योग नगर थाने, सीकर गया। वहाँ उसे “अफवाह मत फैलाओ” कहकर वापस भेज दिया गया। इसके बाद उसने NTA से सीधे संपर्क किया। NTA ने यह सूचना केंद्रीय खुफिया ब्यूरो (CIB) को दी और CIB ने राजस्थान पुलिस को अलर्ट किया। इसके बाद राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जांच शुरू की।

नाशिक से निकला लीक का धागा — पाँच राज्यों तक पहुँची जड़ें

जांच एजेंसियों के अनुसार NEET UG 2026 के पेपर लीक की जड़ महाराष्ट्र के नाशिक से जुड़ी है। जांचकर्ताओं का मानना है कि नेटवर्क के सदस्य परीक्षा से पहले नाशिक में मिले थे और वहीं से पेपर की फिजिकल कॉपी हरियाणा पहुँचाई गई। हरियाणा में उस एक कॉपी से पाँच से दस अलग-अलग सेट तैयार किए गए और फिर बिहार, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में फैला दिए गए।

NTA के अधिकारियों और जांचकर्ताओं का प्रारंभिक मानना है कि लीक की शुरुआत या तो जयपुर स्थित प्रिंटिंग प्रेस से हुई जहाँ प्रश्नपत्र छपा था, या फिर पेपर सेट करने की प्रक्रिया में शामिल किसी व्यक्ति से हुई। जांच एजेंसियों ने यह भी दावा किया कि लगभग 410 सवालों वाले गेस पेपर में से करीब 120 प्रश्न रसायन विज्ञान खंड से अक्षरशः मिलते-जुलते थे।

12 मई 2026 को नाशिक के इंदिरा नगर इलाके से शुभम खैरनार नाम के एक युवक को नाशिक सिटी क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस के इनपुट के आधार पर की गई। खैरनार मध्य प्रदेश के भोपाल में Bachelor of Medical Sciences का छात्र है और वह नाशिक जिले के नंदगाँव तालुका का रहने वाला है। रिपोर्टों के अनुसार, उसने पुलिस से बचने के लिए अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की, यहाँ तक कि बाल भी कटवा लिए थे। लेकिन पुलिस ने पुरानी तस्वीरों से उसका चेहरा मिलाकर उसे पकड़ लिया।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी सफलता महाराष्ट्र की नासिक पुलिस को मिली है। नासिक पुलिस की अपराध शाखा (Crime Branch) ने राजस्थान पुलिस के एक विशेष अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए नंदगांव के रहने वाले एक युवक को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी खुद बीएएमएस (BAMS) का छात्र है और उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना हुलिया तक बदल लिया था।

नासिक के पुलिस उपायुक्त किरण कुमार चव्हाण ने बताया, “आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से उसे पकड़ लिया गया। उसे अब राजस्थान पुलिस के हवाले किया जाएगा क्योंकि इस पेपर लीक के तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं।” राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने 7 मई को ही पेपर लीक से जुड़े कुछ अहम सुराग एनडीए को सौंपे थे।

कौन हैं इस लीक के मास्टरमाइंड?

जयपुर SOG के सूत्रों के अनुसार मनीष यादव को इस पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसे जयपुर से हिरासत में लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि मनीष को पेपर छपने से भी पहले प्रश्नों की जानकारी मिल गई थी, यानी उसके नेटवर्क की पहुँच बेहद गहरी थी। एक अन्य आरोपी राकेश कुमार मंडावरिया — जो सीकर का काउंसेलर बताया जा रहा है — को भी हिरासत में लिया गया है। उस पर लीक हुआ पेपर आगे भेजने का आरोप है। यही वह व्यक्ति है जिसने वो सवाल केरल के MBBS छात्र को भेजे थे। जयपुर के अविनाश लांबा को भी हिरासत में लिया गया है।

अब तक पाँच राज्यों में नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और करीब 45 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। सीकर, झुंझुनू, नागौर और देहरादून से भी संदिग्धों को उठाया गया है।

NTA ने 8 मई को दी थी केंद्रीय एजेंसियों को जानकारी

NTA के अनुसार उसे 7 मई 2026 को इस गड़बड़ी की जानकारी मिली। 8 मई को एजेंसी ने केंद्रीय एजेंसियों को इनपुट भेजा ताकि वे स्वतंत्र रूप से जांच कर सकें। राजस्थान पुलिस SOG के DGP विशाल बंसल ने दावा किया कि NEET UG के प्रश्नों और गेस पेपर में समानता थी और इनकी संख्या करीब 400 थी। इन सभी जानकारियों को एक साथ जोड़ने के बाद NTA ने भारत सरकार की मंजूरी से 12 मई 2026 को परीक्षा रद्द करने का फैसला किया।

NTA के महानिदेशक ने कहा — “जो भी इसमें शामिल है, चाहे वो NTA के अंदर का हो या बाहर का — हम CBI से आग्रह करते हैं कि उन सभी को गिरफ्तार किया जाए और दंड दिया जाए ताकि इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके। हम छात्रों के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से री-एग्जाम करेंगे।”

सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ और सीबीआई जांच

केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले की व्यापक जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को अधिकृत किया है। NTA ने यह भी कहा है कि वह CBI को सभी जरूरी दस्तावेज और तकनीकी सहयोग देगी। CBI की जांच का दायरा पूरे लीक नेटवर्क तक फैला होगा — प्रिंटिंग प्रेस से लेकर वितरण तंत्र तक।

शिक्षा मंत्रालय ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सरकार परीक्षाओं की शुचिता से समझौता नहीं करेगी। एनटीए ने अपने बयान में कहा, “प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों के विश्वास को बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है।”

इस फैसले के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इसे 23 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। वहीं, कांग्रेस ने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है।

छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश

जैसे ही दोपहर में परीक्षा रद्द होने की खबर आई, देशभर के कोचिंग हब जैसे कोटा, दिल्ली और चेन्नई में छात्र सड़कों पर उतर आए। छात्रों का कहना है कि वे सालों से इस एक दिन के लिए तैयारी करते हैं और बार-बार होने वाले पेपर लीक उनकी मेहनत पर पानी फेर देते हैं। तमिलनाडु की एक छात्रा वर्षा ने नम आंखों से कहा, “हम अपनी खुशियां, अपनी जवानी सब कुछ इस परीक्षा के लिए कुर्बान कर देते हैं। क्या एनटीए एक परीक्षा भी ठीक से नहीं करा सकता?”

री-एग्जाम होगा, दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा

NTA ने 12 मई 2026 को NEET UG 2026 परीक्षा आधिकारिक रूप से रद्द कर दी

NTA ने स्पष्ट किया है कि NEET UG 2026 का पुनर्परीक्षण जल्द ही होगा। री-एग्जाम की तारीखें जल्द ही NTA की आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर घोषित की जाएंगी। NTA ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। 3 मई 2026 की परीक्षा के लिए जो भी पंजीकरण विवरण, परीक्षा केंद्र और उम्मीदवारी जानकारी दी गई थी, वह पुनर्परीक्षण के लिए भी मान्य रहेगी। इसके अलावा जो परीक्षा शुल्क पहले से जमा किया जा चुका है, वह वापस किया जाएगा। री-एग्जाम एनटीए के आंतरिक संसाधनों से कराया जाएगा।

छात्रों से अनुरोध किया गया है कि वे केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और चैनलों पर निर्भर रहें और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। NTA का हेल्पलाइन नंबर है — 011-40759000 / 011-69227700 और ईमेल है — neet-ug@nta.ac.in

विपक्ष का हमला, शिक्षा मंत्री ने मीडिया से मुँह फेरा

NEET UG 2026 के रद्द होने के बाद देश भर में राजनीतिक हलचल भी मच गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। परीक्षा रद्द होने की खबर के बाद एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वे पत्रकारों के सवालों का जवाब दिए बिना चले गए।

दिल्ली के शास्त्री भवन के बाहर NSUI (कांग्रेस का छात्र संगठन) के कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होना NTA की व्यवस्थागत विफलता को उजागर करता है। उन्होंने जवाबदेही तय करने और समयबद्ध न्यायिक जांच की मांग की।

CPI(M) ने अपने पोलित ब्यूरो के बयान में कहा कि इस लीक ने करीब 22 लाख मेडिकल छात्रों को गंभीर मानसिक तनाव में डाल दिया है जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। वहीं कुछ विपक्षी नेताओं ने यह मांग तक रख दी कि NEET और NTA दोनों को ही समाप्त कर देना चाहिए।

परीक्षा का आयोजन और प्रभाव

NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को पेन-और-पेपर मोड में देश के 551 शहरों के 5,400 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई थी। विदेश में भी 14 शहरों में यह परीक्षा हुई थी। कुल 22.79 लाख छात्रों ने इसमें भाग लिया था — जो MBBS, BDS और अन्य स्नातक मेडिकल कोर्सों में दाखिले के लिए देश की एकमात्र प्रवेश परीक्षा है।

परीक्षा रद्द होने से न सिर्फ परीक्षा, बल्कि काउंसलिंग और दाखिला प्रक्रिया भी पीछे धकेली जाएगी। छात्रों और उनके परिवारों में गहरी चिंता है। कई ऐसे भी हैं जो तीसरी या चौथी बार परीक्षा दे रहे थे और अब फिर से महीनों इंतजार करना होगा।

छात्रों के नाम NTA का संदेश

NTA ने अपने आधिकारिक बयान में कहा — “22.79 लाख छात्रों से हम निवेदन करते हैं कि घबराएं नहीं। आपकी मेहनत बेकार नहीं गई। री-एग्जाम होगा, सिलेबस वही रहेगा, कोई नई फीस नहीं देनी है और कोई नई रजिस्ट्रेशन भी नहीं करनी है। बस तैयारी जारी रखें।”

NEET UG 2026 का यह पूरा मामला देश की परीक्षा प्रणाली के लिए एक गंभीर चेतावनी है। एक WhatsApp संदेश से शुरू हुई यह कहानी पाँच राज्यों में फैले एक संगठित पेपर लीक नेटवर्क तक पहुँची और अंततः देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को रद्द करा गई। अब सारी नजरें CBI की जांच और री-एग्जाम की तारीख पर टिकी हैं। छात्रों को उम्मीद है कि इस बार परीक्षा पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से होगी ताकि उनके वर्षों की मेहनत का सही नतीजा सामने आ सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या NEET UG 2026 सच में रद्द हो गई है?

हाँ, यह पूरी तरह सच है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 12 मई 2026 को एक आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी करके 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया। यह फैसला भारत सरकार की मंजूरी से लिया गया। NTA ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जांच में जो जानकारी सामने आई, उसके आधार पर परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी था, इसलिए परीक्षा को जारी नहीं रखा जा सकता था।

प्रश्न 2: NEET UG 2026 क्यों रद्द की गई?

NEET UG 2026 रद्द होने की मुख्य वजह पेपर लीक है। परीक्षा से एक रात पहले WhatsApp पर एक “गेस पेपर” वायरल हुआ जिसमें NEET के असली प्रश्नों से बड़े पैमाने पर मिलान पाया गया। जीव विज्ञान के सभी 90 प्रश्न और रसायन विज्ञान के करीब 120 प्रश्न उस गेस पेपर में थे। राजस्थान SOG की जांच में इसकी पुष्टि हुई जिसके बाद NTA ने परीक्षा रद्द की।

प्रश्न 3: नाशिक से किसे गिरफ्तार किया गया है?

12 मई 2026 को नाशिक सिटी क्राइम ब्रांच ने राजस्थान पुलिस के इनपुट पर शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया। वह भोपाल में Bachelor of Medical Sciences का छात्र है और नाशिक जिले के नंदगाँव तालुका का रहने वाला है। उस पर आरोप है कि उसने परीक्षा से कुछ दिन पहले नाशिक में पेपर की फिजिकल कॉपी मिली और उसे हरियाणा में किसी व्यक्ति को सॉफ्ट कॉपी के रूप में भेजा।

प्रश्न 4: इस मामले का मास्टरमाइंड कौन है?

जांच एजेंसियों के अनुसार मनीष यादव इस पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य मास्टरमाइंड माना जा रहा है। उसे जयपुर से हिरासत में लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि पेपर छपने से पहले ही उसे प्रश्नों की जानकारी मिल गई थी। एक अन्य आरोपी राकेश कुमार मंडावरिया पर लीक हुआ पेपर वितरित करने का आरोप है। अविनाश लांबा भी जयपुर से हिरासत में है।

प्रश्न 5: CBI इस मामले में क्या करेगी?

भारत सरकार ने NEET UG 2026 पेपर लीक की व्यापक जांच CBI को सौंपी है। CBI पूरे लीक नेटवर्क की जांच करेगी — इसमें प्रश्नपत्र छापने वाली प्रेस, पेपर सेट करने वाले लोग, नाशिक से हरियाणा तक पेपर पहुँचाने का रास्ता और फिर WhatsApp के जरिए इसके वितरण की पूरी श्रृंखला शामिल है। NTA ने कहा है कि वह CBI को हर जरूरी सहयोग देगी।

प्रश्न 6: क्या री-एग्जाम के लिए नई रजिस्ट्रेशन करनी होगी?

नहीं। NTA ने स्पष्ट कर दिया है कि री-एग्जाम के लिए छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करनी होगी। 3 मई की परीक्षा के लिए जो भी पंजीकरण विवरण, उम्मीदवारी और परीक्षा केंद्र चुना गया था — वह सब री-एग्जाम के लिए भी मान्य रहेगा।

प्रश्न 7: क्या परीक्षा शुल्क वापस मिलेगा?

हाँ। NTA ने घोषणा की है कि 3 मई की परीक्षा के लिए जमा किया गया परीक्षा शुल्क छात्रों को वापस किया जाएगा। री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

प्रश्न 8: NEET UG 2026 री-एग्जाम कब होगा?

अभी तक NTA ने री-एग्जाम की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। NTA ने कहा है कि री-एग्जाम की तारीख और नए एडमिट कार्ड की जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर दी जाएगी। छात्रों को केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और चैनलों पर नजर रखनी चाहिए।

प्रश्न 9: क्या NEET का सिलेबस बदलेगा?

नहीं। NTA ने कोई भी सिलेबस परिवर्तन की घोषणा नहीं की है। री-एग्जाम उसी सिलेबस पर होगा। छात्रों को चाहिए कि वे तैयारी जारी रखें, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें और मॉक टेस्ट दें।

प्रश्न 10: NEET UG 2026 रद्द होने से काउंसलिंग पर क्या असर पड़ेगा?

री-एग्जाम के बाद ही परिणाम आएगा और तब जाकर काउंसलिंग शुरू होगी। इसका मतलब है कि MBBS और BDS में दाखिले की प्रक्रिया काफी देर से होगी। हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जाएगी।







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