पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों और रुझानों ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। जहाँ एक तरफ बाहुबलियों का दबदबा कायम है, वहीं दूसरी तरफ सेलिब्रिटी उम्मीदवारों के लिए यह चुनाव मिला-जुला साबित हो रहा है। राज्य की वीआईपी सीटों पर सबकी निगाहें टिकी थीं, जिनके नतीजे अब स्पष्ट होने लगे हैं।
अलीनगर: मैथिली ठाकुर की धमाकेदार एंट्री
दरभंगा की अलीनगर सीट पर भाजपा का दांव एकदम सटीक बैठा है। अपनी लोकगायिकी के लिए मशहूर मैथिली ठाकुर ने राजनीति के मैदान में शानदार आगाज किया है। उन्होंने 11,730 मतों के अंतर से जीत हासिल की है। मैथिली ने आरजेडी के बिनोद मिश्र को हराया, जिन्हें कुल 73,185 वोट मिले। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार सैफुद्दीन अहमद तीसरे और जनसुराज पार्टी के बिप्लव कुमार चौधरी चौथे स्थान पर रहे। 25 वर्षीय मैथिली अपनी ‘मिथिला’ पहचान को लेकर मुखर रही हैं, जिसका फायदा उन्हें मिला।
मोकामा: गिरफ्तारी के बावजूद अनंत सिंह का जलवा
मोकामा सीट पर एक बार फिर ‘छोटे सरकार’ यानी अनंत सिंह ने अपनी बादशाहत साबित कर दी है। चुनाव से ठीक पहले जनसुराज पार्टी के कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या के आरोप में अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन सलाखों के पीछे से भी उन्होंने जीत दर्ज कर ली है। जेडीयू के टिकट पर लड़ रहे अनंत सिंह ने आरजेडी की वीणा देवी को हराया है। वीणा देवी बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी हैं, जो कभी अनंत सिंह के बड़े भाई दिलीप सिंह के धुर विरोधी हुआ करते थे। अनंत सिंह और उनके परिवार का इस सीट पर पिछले 35 सालों से कब्जा है। 2020 में आर्म्स एक्ट में सजा होने के कारण उनकी विधायकी चली गई थी, लेकिन 2024 में रिहा होने के बाद वे जेडीयू के साथ मैदान में उतरे और फिर से विजयी हुए।
महुआ: तेज प्रताप को भारी पड़ी बगावत
वैशाली की महुआ सीट पर राजद सुप्रीमो लालू यादव के परिवार में मची कलह का असर साफ दिख रहा है। आरजेडी से बगावत कर अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ (जेजेडी) बनाने वाले तेज प्रताप यादव को करारा झटका लगा है। रुझानों के मुताबिक, वे तीसरे नंबर पर चल रहे हैं। यहाँ एनडीए समर्थित लोजपा (रामविलास) के संजय कुमार सिंह पहले और आरजेडी के मुकेश रौशन दूसरे नंबर पर हैं। तेज प्रताप को हराने के लिए उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव ने खुद यहाँ प्रचार किया था। वहीं, राबड़ी देवी ने अपने बड़े बेटे के बागी तेवरों पर भावुक होते हुए कहा था कि “वह पार्टी से गया है, मेरे मन से नहीं।”
छपरा और सिवान: स्टार पावर बनाम विरासत
छपरा सीट पर आरजेडी द्वारा उतारे गए भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का जादू फीका पड़ता दिख रहा है। वे रुझानों में दूसरे नंबर पर चल रहे हैं, जबकि बीजेपी की छोटी कुमारी बढ़त बनाए हुए हैं। दूसरी तरफ, सिवान की रघुनाथपुर सीट पर दिवंगत बाहुबली शहाबुद्दीन की विरासत बचाने की जंग चल रही है। उनके बेटे ओसामा शहाब (आरजेडी) अपने पहले ही चुनाव में जेडीयू के विकास कुमार सिंह से आगे चल रहे हैं। शहाबुद्दीन की मृत्यु और 2024 में उनकी पत्नी हिना शहाब की हार के बाद, ओसामा की जीत इस परिवार के लिए संजीवनी साबित हो सकती है।
कुम्हरार: बीजेपी का अभेद्य किला
पटना की कुम्हरार सीट पर बीजेपी का एकतरफा दबदबा कायम है। यहाँ से बीजेपी प्रत्याशी संजय कुमार ने 47,524 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी रहे। दिलचस्प बात यह है कि जनसुराज पार्टी से चुनाव लड़ रहे चर्चित गणित प्रोफेसर केसी सिन्हा तीसरे स्थान पर रहे और कोई चमत्कार नहीं कर सके। यह सीट 90 के दशक से ही बीजेपी का गढ़ रही है, जहाँ कभी सुशील मोदी और अरुण कुमार सिन्हा जैसे दिग्गज जीतते आए हैं।
संपादकीय नोट: इन परिणामों से स्पष्ट है कि बिहार में जहां जातिगत समीकरण और बाहुबल अभी भी प्रभावी हैं, वहीं मशहूर चेहरों को जनता ने उनकी राजनीतिक गंभीरता के आधार पर ही तोला है।
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