Gurindervir Singh National Record – रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार की शाम जब पुरुषों की 100 मीटर की फाइनल रेस शुरू होने वाली थी, तब स्टेडियम में सन्नाटा पसरा हुआ था। ट्रैक पर भारत के दो सबसे तेज धावक—पंजाब के गुरिंदरवीर सिंह और ओडिशा के अनिमेष कुजूर—एक दूसरे के ठीक बगल में खड़े थे। जैसे ही स्टार्टर की गन से फायर हुआ, धावकों ने हवा की गति से दौड़ना शुरू किया। शुरुआत से ही गुरिंदरवीर सिंह ने अपनी लीड बनाए रखी और फिनिश लाइन पर पहुंचते ही जब उन्होंने अपनी छाती आगे की, तो इलेक्ट्रॉनिक टाइमर पर 10.09 सेकंड का समय दर्ज हो गया।
यह समय देखते ही स्टेडियम में मौजूद रिलायंस फाउंडेशन के एथलेटिक्स डायरेक्टर और कोच जेम्स हिलियर खुशी से झूम उठे। इस रेस में दूसरे स्थान पर रहने वाले अनिमेष कुजूर ने 10.20 सेकंड और तीसरे स्थान पर रहने वाले प्रणव गुरव ने 10.29 सेकंड का समय निकाला। Gurindervir Singh National Record बनने की यह घटना इस मायने में सबसे खास है कि इसने भारतीय एथलीटों को लेकर दुनिया भर में बनी उस रूढ़िवादी सोच को हमेशा के लिए तोड़ दिया, जिसमें कहा जाता था कि भारतीय एथलीटों के जीन छोटे और तेज स्प्रिंट के लिए अनुकूल नहीं होते हैं। अपनी इस जीत के बाद गुरिंदरवीर ने अपनी टी-शर्ट के पीछे लिखे एक संदेश को कैमरों के सामने दिखाया, जिस पर लिखा था— “काम अभी पूरा नहीं हुआ है। 10.10, रुको। मैं अभी भी खड़ा हूँ।” यह संदेश उन आलोचकों और सोशल मीडिया ट्रोलर्स के लिए एक सीधा जवाब था जो उनके पिछले खराब फॉर्म पर सवाल उठा रहे थे।
48 घंटों का रोमांच: दो दिनों में तीन बार बदला राष्ट्रीय रिकॉर्ड
फेडरेशन कप 2026 की यह 100 मीटर स्पर्धा भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में सबसे रोमांचक प्रतिस्पर्धाओं में से एक मानी जाएगी। ऐसा बहुत कम देखा जाता है जब किसी एक ही प्रतियोगिता के दौरान मात्र दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड एक नहीं, दो नहीं, बल्कि तीन बार बदला हो।
इस रोमांचक ड्रामे की शुरुआत शुक्रवार को हुई जब सेमीफाइनल के पहले राउंड में गुरिंदरवीर सिंह ने शानदार दौड़ लगाते हुए 10.17 सेकंड का समय निकाला। इस समय के साथ उन्होंने अनिमेष कुजूर के पिछले साल के 10.18 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। हालांकि, गुरिंदरवीर की यह खुशी महज पांच मिनट ही टिक सकी। सेमीफाइनल के दूसरे ही हीट में अनिमेष कुजूर ने अविश्वसनीय वापसी करते हुए 10.15 सेकंड का समय निकाल लिया और राष्ट्रीय रिकॉर्ड दोबारा अपने नाम कर लिया।
| चरण | खिलाड़ी का नाम | समय सेकंड में | रिकॉर्ड की स्थिति |
|---|---|---|---|
| पिछला रिकॉर्ड (2025) | अनिमेष कुजूर | 10.18s | पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड |
| सेमीफाइनल – हीट 1 (शुक्रवार) | गुरिंदरवीर सिंह | 10.17s | नया रिकॉर्ड (5 मिनट के लिए) |
| सेमीफाइनल – हीट 2 (शुक्रवार) | अनिमेष कुजूर | 10.15s | रिकॉर्ड दोबारा बदला |
| ग्रैंड फाइनल (शनिवार) | गुरिंदरवीर सिंह | 10.09s | वर्तमान ऐतिहासिक राष्ट्रीय रिकॉर्ड |
शनिवार को हुए अंतिम मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच की यह आपसी प्रतिद्वंद्विता अपने चरम पर थी। लेकिन इस बार गुरिंदरवीर सिंह मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार थे। उन्होंने तकनीकी रूप से एक परफेक्ट रेस की और 10.09 सेकंड का जादुई आंकड़ा छूकर अनिमेष को पीछे छोड़ते हुए हमेशा के लिए इस रेस को अमर बना दिया।
गंभीर बीमारी और आलोचनाओं को मात देकर की शानदार वापसी

25 वर्षीय गुरिंदरवीर सिंह की यह सफलता जितनी ट्रैक पर दिखती है, उससे कहीं अधिक उनके व्यक्तिगत जीवन के संघर्षों से जुड़ी हुई है। पंजाब के जालंधर के पास पटियाल गांव के रहने वाले गुरिंदरवीर के पिता कमलजीत सिंह पंजाब पुलिस के एक सेवानिवृत्त कांस्टेबल हैं। उन्होंने बताया कि गुरिंदरवीर ने बचपन से ही इस खेल के लिए बहुत त्याग किए हैं।
साल 2022 में जब गुरिंदरवीर पटियाला के राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS) में प्रशिक्षण ले रहे थे, तब वह एक गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए थे। इस बीमारी के कारण उनके पेट की अंदरूनी परत काफी पतली हो गई थी, जिससे उनका शरीर भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पा रहा था। इस बीमारी की वजह से उनका पूरा 2022 का सीजन बर्बाद हो गया और 2023 का आधा समय भी ठीक होने में ही चला गया। जब उन्होंने 2024 में रिलायंस फाउंडेशन के साथ जुड़कर वापसी की, तो उनका शरीर उस उच्च स्तरीय ट्रेनिंग के दबाव को सहन नहीं कर पा रहा था, जिसके कारण उनके मन में कई नकारात्मक विचार आने लगे थे।
इसके बाद मार्च 2025 में उन्होंने बेंगलुरु में 10.20 सेकंड का समय निकालकर खुद को साबित तो किया, लेकिन उसके बाद पूरे सीजन में वह 10.30 सेकंड से कम का समय नहीं निकाल पाए। इसी वजह से उनकी जमकर आलोचना होने लगी थी। कोच जेम्स हिलियर ने बताया, “पिछली बार जब गुरिंदरवीर ने रिकॉर्ड बनाया था, तो उनका दिमाग उस सफलता को संभालने के लिए तैयार नहीं था। लेकिन इस बार उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा और शांत रहकर मानसिक रूप से खुद को मजबूत किया।”
भारतीय नौसेना को अपने जांबाज अधिकारी पर गर्व
गुरिंदरवीर सिंह खेल के साथ-साथ देश की सेवा में भी जुड़े हुए हैं। वह भारतीय नौसेना (Indian Navy) में एक पेटी ऑफिसर (Petty Officer) के पद पर तैनात हैं। उनकी इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय नौसेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से उन्हें बधाई देते हुए लिखा:
“भारत का सबसे तेज धावक सफेद वर्दी (व्हाइट्स) पहनता है। भारतीय नौसेना के पेटी ऑफिसर गुरिंदरवीर सिंह ने 29वीं राष्ट्रीय फेडरेशन कप एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 10.09 सेकंड का शानदार समय निकालकर एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया है। इस बेहतरीन प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने आगामी एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। भारतीय नौसेना हमारे चैंपियन स्प्रिंटर की गति, भावना और समर्पण को सलाम करती है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में थपथपाई पीठ
31 मई 2026 को देश के सामने अपने विचार रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एथलेटिक्स की दुनिया में भारत के इस बढ़ते कदम की खूब सराहना की। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा:
“मेरे प्यारे देशवासियों, आज खेल के मैदान से हमारे युवाओं की ऐसी खबरें आ रही हैं जो पूरे देश को ऊर्जा से भर देती हैं। हाल ही में रांची में आयोजित फेडरेशन कप में पंजाब के हमारे युवा बेटे गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर की दौड़ में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने मात्र 10.09 सेकंड में यह दूरी तय की है। खेल में रिकॉर्ड का टूटना यह दिखाता है कि हमारे खिलाड़ियों का हौसला और देश में खेल का स्तर कितनी तेजी से ऊपर जा रहा है। गुरिंदरवीर और उनके जैसे सभी युवा एथलीट देश की नई प्रेरणा हैं।”
आगामी राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के लिए जगी बड़ी उम्मीदें

गुरिंदरवीर सिंह के इस 10.09 सेकंड के समय ने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) द्वारा राष्ट्रमंडल खेल (Glasgow Commonwealth Games 2026) और एशियाई खेल (Asian Games 2026) के लिए निर्धारित किए गए 10.16 सेकंड के क्वालिफिकेशन मानक को बहुत ही आसानी से पार कर लिया है।
यदि हम पिछले आंकड़ों की तुलना करें, तो बर्मिंघम में हुए 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में 10.09 सेकंड का समय रजत पदक (Silver Medal) जीतने के लिए काफी था। ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है कि यदि गुरिंदरवीर सिंह अपनी इस फॉर्म को जुलाई में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और सितंबर में होने वाले एशियाई खेलों तक बरकरार रखते हैं, तो वह भारत के लिए स्प्रिंटिंग इतिहास का पहला अंतरराष्ट्रीय पदक ला सकते हैं।
इसके साथ ही इसी प्रतियोगिता में भारत के अन्य एथलीटों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। डिकैथलॉन (Decathlon) में तेजस्विन शंकर ने 8057 अंक हासिल कर अपना ही पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया और वह 8000 अंकों का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। वहीं, पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में विशाल टी.के. ने 44.98 सेकंड का समय लेकर इतिहास में पहली बार 45 सेकंड की बाधा को तोड़ने का गौरव हासिल किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: गुरिंदरवीर सिंह ने कौन सा नया रिकॉर्ड बनाया है?
गुरिंदरवीर सिंह ने पुरुषों की 100 मीटर स्प्रिंट दौड़ में 10.09 सेकंड का समय निकालकर एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड (National Record) बनाया है। वह 10.10 सेकंड की बाधा को तोड़ने वाले भारत के पहले धावक बन गए हैं।
प्रश्न 2: यह ऐतिहासिक एथलेटिक्स प्रतियोगिता कहाँ और कब आयोजित की गई थी?
यह रिकॉर्ड 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन कप प्रतियोगिता के दौरान शनिवार, 23 मई 2026 को रांची (झारखंड) के बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में बनाया गया था।
प्रश्न 3: दो दिनों में तीन बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटने का क्या घटनाक्रम था?
शुक्रवार को सेमीफाइनल के पहले दौर में गुरिंदरवीर ने 10.17 सेकंड का समय लेकर पुराना रिकॉर्ड (10.18s) तोड़ा। इसके 5 मिनट बाद दूसरे सेमीफाइनल में अनिमेष कुजूर ने 10.15 सेकंड का समय लेकर रिकॉर्ड अपने नाम किया। अंत में, शनिवार को फाइनल मुकाबले में गुरिंदरवीर सिंह ने 10.09 सेकंड का समय निकालकर अंतिम राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया।
प्रश्न 4: गुरिंदरवीर सिंह के मुख्य कोच कौन हैं और वह किस खेल अकादमी से जुड़े हैं?
गुरिंदरवीर सिंह के मुख्य कोच जेम्स हिलियर (James Hillier) हैं। गुरिंदरवीर रिलायंस फाउंडेशन (Reliance Foundation) के एथलेटिक्स कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण ले रहे हैं।
प्रश्न 5: क्या गुरिंदरवीर सिंह ने अंतरराष्ट्रीय खेलों के लिए क्वालिफाई कर लिया है?
हाँ, उनका 10.09 सेकंड का समय एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के 10.16 सेकंड के आधिकारिक योग्यता मानक से काफी बेहतर है, जिससे उन्होंने आगामी एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों 2026 के लिए अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है।
