आयकर विभाग की वेबसाइट पर अब तक 2.51 करोड़ से अधिक ITR फाइल हो चुके हैं, लेकिन ई-वेरीफिकेशन और सही जानकारी न होने से कई रिटर्न अभी भी प्रोसेस नहीं हो पाए हैं।
जैसे-जैसे असेसमेंट ईयर 2025–26 के लिए Income Tax Return (ITR) फाइलिंग सीजन आगे बढ़ रहा है, आयकर विभाग की साइट पर अब तक 2.51 करोड़ ITR फाइल किए जा चुके हैं। इनमें से:
- 2.43 करोड़ ITR ई-वेरीफाई हो चुके हैं
- 1.13 करोड़ ITR प्रोसेस किए जा चुके हैं
- कुल 13.21 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स पोर्टल पर मौजूद हैं
सरकार ने उन टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइलिंग की डेडलाइन को 31 जुलाई 2025 से बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दिया है, जिनकी डेडलाइन पहले जुलाई थी।
ITR फाइल करने के बाद ‘ई-वेरीफिकेशन’ क्यों ज़रूरी है?
ITR फाइल करना सिर्फ पहला स्टेप है। जब तक आप अपना रिटर्न ई-वेरीफाई (e-verify) नहीं करते, तब तक ITR प्रोसेस अधूरा माना जाता है।
यदि आपने 30 दिनों के भीतर ई-वेरीफिकेशन नहीं किया, तो आपका रिटर्न अमान्य (invalid) माना जाएगा।
ई-वेरीफिकेशन की समयसीमा क्या है?
| प्रक्रिया | समयसीमा |
|---|---|
| ITR फाइलिंग के बाद ई-वेरीफिकेशन | 30 दिन के अंदर |
| 30 दिन के अंदर ई-वेरीफाई करने पर | ITR फाइलिंग की तारीख ही मान्य होगी |
| 30 दिन के बाद ई-वेरीफाई करने पर | ई-वेरीफाई की तारीख से लेट फाइलिंग मानी जाएगी |
❗ याद रखें, यदि आपने रिटर्न फाइल किया है लेकिन ई-वेरीफिकेशन नहीं किया, तो वह इनवैलिड ITR होगा।
अगर आप ITR-V भेज रहे हैं तो पता क्या है?
यदि आप ई-वेरीफिकेशन ऑनलाइन नहीं कर रहे और ITR-V को फिजिकली भेज रहे हैं, तो इसे निम्न पते पर भेजें:
Centralised Processing Centre,
Income Tax Department,
Bengaluru – 560500, Karnataka
ITR ई-वेरीफाई करने के तरीके
आप निम्न विकल्पों में से कोई भी चुन सकते हैं:
- Aadhaar-linked मोबाइल पर OTP
- प्री-वैलिडेटेड बैंक अकाउंट से EVC
- डिमैट अकाउंट से EVC
- एटीएम से (Offline EVC generation)
- Net Banking
- Digital Signature Certificate (DSC)
रिफंड डिले होने की संभावित वजहें
आईटीआर फाइल करने के बाद अगर आपका रिफंड नहीं आया है, तो इसके पीछे कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं:
- रिटर्न अधूरा या गलत जानकारी से भरा है
- गलत बैंक अकाउंट नंबर या IFSC कोड
- रिटर्न में टाइपो, ग़लत PAN या Aadhaar डिटेल्स
- Earned Income Tax Credit (EITC) जैसे क्रेडिट्स का दावा
- Identity theft या फ्रॉड की संभावना की जांच
- पेपर रिटर्न की स्लो प्रोसेसिंग
Refund Track कैसे करें?
आयकर विभाग ने रिफंड ट्रैक करने के लिए दो आसान टूल्स दिए हैं:
- Where’s My Refund? – IT Department Website
- IRS2Go App – एंड्रॉयड और iOS दोनों पर उपलब्ध
इन टूल्स से जानें कि आपका रिफंड:
- प्रोसेस हुआ है या नहीं
- अप्रूव हुआ है या नहीं
- भेजा गया है या नहीं
जरूरी डिटेल्स जो आपको दर्ज करनी होंगी:
- PAN नंबर
- फाइलिंग स्टेटस (Individual/HUF आदि)
- रिफंड की सटीक राशि
रिफंड न मिलने पर क्या करें?
अगर आपने ई-फाइलिंग की है और 21 दिन बीत चुके हैं, फिर भी रिफंड नहीं आया:
- ✅ पहले “Where’s My Refund?” टूल से स्थिति जांचें
- ✅ बैंक अकाउंट नंबर और IFSC को दोबारा चेक करें
- ✅ यदि ऑनलाइन रिफंड नहीं आया, हो सकता है पोस्ट से चेक भेजा गया हो
कब IRS (या इनकम टैक्स हेल्पलाइन) से संपर्क करें?
- जब 21 दिन बाद भी रिफंड न आए और वेबसाइट पर कोई अपडेट न दिखे
- फोन कॉल करते समय अपने PAN, रिटर्न स्टेटस और रिफंड राशि की जानकारी रखें
- कॉल के दौरान धैर्य रखें, कभी-कभी लाइन व्यस्त हो सकती है
निष्कर्ष: ITR Filing में देरी से बचें
इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग का प्रोसेस आसान है, लेकिन अगर आपने ई-वेरीफिकेशन नहीं किया या जानकारी गलत दी, तो रिटर्न रद्द हो सकता है या रिफंड में देरी हो सकती है। हमेशा:
- अपनी डिटेल्स दोबारा जांचें
- सही बैंक जानकारी दें
- 30 दिन के भीतर ई-वेरीफिकेशन ज़रूर करें
- Refund track tools का सही उपयोग करें
एक छोटी सी चूक से रिफंड महीनों तक अटक सकता है। इसलिए समय पर और सही प्रक्रिया से ITR फाइल करना आपकी जिम्मेदारी है।
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