नई दिल्ली: 8वीं वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच पिछले एक महीने से जो सबसे बड़ा डर था, वो अब पूरी तरह खत्म हो गया है। वित्त मंत्रालय ने संसद में आधिकारिक तौर पर साफ कर दिया है कि, 8th CPC में पेंशन रिवीजन जरूर होगा – बिल्कुल पहले की तरह!
3 नवंबर 2025 को जब सरकार ने 8th Pay Commission का नोटिफिकेशन और Terms of Reference (ToR) जारी किया था, तब से पेंशनर्स और कर्मचारी संगठनों में हड़कंप मच गया था। वजह थी ToR में “पेंशन रिवीजन” शब्द का स्पष्ट रूप से न आना। सभी पिछले 7 पे-कमीशनों में साफ-साफ लिखा होता था कि कमीशन “वेतन, भत्ते और पेंशन” सभी को रिवाइज करेगा। इस बार वो लाइन गायब थी।
पेंशनर्स का डर बिल्कुल जायज था – देश में करीब 69-70 लाख केंद्रीय पेंशनर्स हैं। अगर 8th CPC में पेंशन रिवीजन नहीं होता तो पुराने पेंशनर्स और नए पेंशनर्स के बीच हमेशा के लिए भारी अंतर आ जाता। संगठनों ने चिट्ठियां लिखीं, धरना-प्रदर्शन की धमकी दी और कहा कि ये “ऐतिहासिक गलती” होगी।
राज्यसभा में MoS फाइनेंस ने खत्म की सारी शंकाएं
मंगलवार को राज्यसभा में एक असूचीबद्ध प्रश्न (Unstarred Question) के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बिल्कुल साफ शब्दों में कहा:
“आठवां केंद्रीय वेतन आयोग केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन आदि विभिन्न मुद्दों पर अपनी सिफारिशें देगा।”
इस एक वाक्य ने लाखों पेंशनर्स की नींद वापस ला दी। सरकार ने पहली बार आधिकारिक रूप से कन्फर्म कर दिया है कि 8th Pay Commission में पेंशन रिवीजन होगा – कोई बहाना नहीं, कोई छिपाने की कोशिश नहीं।
DA-DR मर्जर पर अभी नहीं मिली राहत
उसी प्रश्न में यह भी पूछा गया था कि क्या 50% से ऊपर चला गया DA और DR तुरंत बेसिक पे में मर्ज किया जाएगा? इसका जवाब निराश करने वाला था। वित्त मंत्रालय ने साफ कहा:
“वर्तमान में डीए को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।”
यानी कर्मचारियों-पेंशनर्स को अभी इंतजार करना पड़ेगा। ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि ये फैसला भी 8th CPC की रिपोर्ट आने के बाद ही होगा, जो 2027-28 तक आने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा?
- पेंशन रिवीजन की चिंता तो खत्म हो गई, लेकिन कर्मचारी संगठन अभी भी कई मुद्दों पर दबाव बना रहे हैं:
- नई पेंशन स्कीम (NPS) vs पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) या यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) पर स्पष्टता
- 18 महीने के DA एरियर (कोविड काल के फ्रीज DA) का भुगतान
- करुणा नियुक्ति, ट्रेड यूनियन अधिकार जैसे दूसरे मुद्दे
फिलहाल सबसे बड़ी राहत ये है कि 8th Pay Commission पुरानी परंपरा को तोड़ने वाला नहीं है। पेंशनर्स को अब ये भरोसा हो गया है कि उनकी पेंशन भी 8th CPC में रिवाइज होगी और सर्विंग कर्मचारियों के साथ समानता बनी रहेगी।
70 लाख पेंशनर्स और 50 लाख सर्विंग केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ये साल का सबसे बड़ा तोहफा साबित हुआ है। बाकी अपडेट्स के लिए बने रहिए – जैसे ही 8th CPC की कमेटी बनेगी, फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, नई पे-मैट्रिक्स जैसी खबरें सबसे पहले यहीं मिलेंगी!
